जय श्री राम
श्री रामचरितमानस की सिद्ध दोहा और चोपाई
दैहिक दैविक भोतिक तापा | राम राज्य नहि काहुहि व्यापा ||
राम के राज्य में देह से संबंधित रोग, दैवीय प्रकोप और भौतिक आपदा किसी प्रकार का प्रभाव नहीं था। राजा रामचन्द्र ने सभी प्रकार के प्रकोपों पर विजय प्राप्त कर लिया था।
इसका अर्थ यह है कि राम के राज्य में प्रजा बेहद सुखी थी।
रामचरितमानस की चौपाइयों में ऐसी क्षमता है कि इन चौपाइयों के जप से ही मनुष्य बड़े-से-बड़े संकट में भी मुक्त हो जाता है। इन मंत्रो का जीवन में प्रयोग अवश्य करे प्रभु श्रीराम आप के जीवन को सुखमय बना देगे।।
इस चौपाई का प्रयोग कब और कहाँ और कैसे करें ----
ज्वार ताप दूर करने के लिए:-
जय श्री राम मित्रों,यह चोपाई बहुत ख़ास है, इस चोपाई के नियमित जाप से शरीर मै जो भी बीमारी या रोग होगा वो ठीक हो जायगा | कई सालो से जो रोग ठीक नहीं हो रहा होगा वो भी ठीक होके रहेगा | इसके लिए बस आपको मन मै सच्चे और विस्वास के साथ बोलते रहना है |
स्मरण करने योग्य बात :-
जय श्री राम भक्तों आपका प्रभु श्री राम, माता सीता, हनुमान जी, तुलसीदास जी, श्री रामचरितमानस और स्वयं मै पक्का विस्वास होना चाहिए | क्योकि जितना ज्यादा आपका विश्वास होगा उतनी जल्दी आपकी इच्छा होगी | और आपके सारे काम सफल होंगे |
यदि आपकी विपदा या परेशानी समाप्त हो जाती है, राम जी कृपा से, तो आप मंदिर या अपने घर के मंदिर जाके, उनका पूजन करके ,उनको भोग लगाके,उनका आभार जरूर व्यक्त करें और उनको इस समस्या से निकलने के लिए प्रभु को धन्यवाद जरूर दें |
रामायण का महाज्ञानः मुसीबत के समय इन चौपाइयों को परखना चाहिए
{रामचरितमानस की चौपाइयों में ऐसी क्षमता है कि इन चौपाइयों के जप से ही मनुष्य बड़े-से-बड़े संकट में भी मुक्त हो जाता है। इन मंत्रो का जीवन में प्रयोग अवश्य करे प्रभु श्रीराम आप के जीवन को सुखमय बना देगे।। }
नोट - यह प्रयोग आजमाया हुआ है
कृपा करके पूर्ण विस्वास के साथ करके देखें सफलता निश्चित मिलेगी
अपने प्रभु मै विश्वास रखें

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