जय श्री राम
श्री रामचरितमानस की सिद्ध दोहा और चोपाई
मोरे हित हरि सम नहि कोऊ | एहि अवसर सहाय सोई होऊ ||
अर्थात -
श्री हरि के समान मेरा हितू भी कोई नहीं है, इसलिए इस समय वे ही मेरे सहायक हों॥
रामचरितमानस की चौपाइयों में ऐसी क्षमता है कि इन चौपाइयों के जप से ही मनुष्य बड़े-से-बड़े संकट में भी मुक्त हो जाता है। इन मंत्रो का जीवन में प्रयोग अवश्य करे प्रभु श्रीराम आप के जीवन को सुखमय बना देगे।।
इस चौपाई का प्रयोग कब और कहाँ और कैसे करें ----
सहायता के लिए:-
प्रिय भक्तों अगर आपको लग रहा है कि वर्तमान स्थिति में आपकी सहायता करने वाला कोई नहीं है या आप ऐसी परिस्तिथि मै हैं जहाँ आप असहाय है,तो आप रोजाना इस चौपाई का ध्यान करें तो आपको जरूर से लाभ होगा।
स्मरण करने योग्य बात :-
जय श्री राम भक्तों आपका प्रभु श्री राम, माता सीता, हनुमान जी, तुलसीदास जी, श्री रामचरितमानस और स्वयं मै पक्का विस्वास होना चाहिए | क्योकि जितना ज्यादा आपका विश्वास होगा उतनी जल्दी आपकी इच्छा होगी | और आपके सारे काम सफल होंगे |
यदि आपकी विपदा या परेशानी समाप्त हो जाती है, राम जी कृपा से, तो आप मंदिर या अपने घर के मंदिर जाके, उनका पूजन करके ,उनको भोग लगाके,उनका आभार जरूर व्यक्त करें और उनको इस समस्या से निकलने के लिए प्रभु को धन्यवाद जरूर दें |
रामायण का महाज्ञानः मुसीबत के समय इन चौपाइयों को परखना चाहिए
रामचरितमानस की चौपाइयों में ऐसी क्षमता है कि इन चौपाइयों के जप से ही मनुष्य बड़े-से-बड़े संकट में भी मुक्त हो जाता है। इन मंत्रो का जीवन में प्रयोग अवश्य करे प्रभु श्रीराम आप के जीवन को सुखमय बना देगे।।
नोट - यह प्रयोग आजमाया हुआ है
कृपा करके पूर्ण विस्वास के साथ करके देखें सफलता निश्चित मिलेगी
अपने प्रभु मै विश्वास रखें
"जय जय श्री राम"
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