"क्या आप जानते हैं कि भगवान गणेश को दूर्वा घास इतनी प्रिय क्यों है? इसके पीछे एक बेहद रोचक पौराणिक कथा है।"
"पौराणिक कथा के अनुसार अनलासुर नामक असुर को निगलने के बाद गणेश जी के शरीर में भयंकर गर्मी उत्पन्न हो गई थी। तब ऋषियों ने 21 दूर्वा अर्पित की, जिससे उनकी गर्मी शांत हुई। तभी से दूर्वा गणेश जी को अत्यंत प्रिय मानी जाती है।"
Story:
"पौराणिक कथा के अनुसार, अनलासुर नाम का एक भयंकर असुर था। उसकी आँखों और मुख से अग्नि निकलती थी। उसके आतंक से देवता, ऋषि और मनुष्य सभी परेशान हो गए।
तब सभी देवता भगवान गणेश की शरण में पहुंचे। भक्तों की रक्षा के लिए गणेश जी ने अनलासुर का सामना किया और उसे निगल लिया।
लेकिन अनलासुर को निगलते ही गणेश जी के शरीर में भयंकर गर्मी उत्पन्न हो गई। देवताओं ने उन्हें शांत करने के लिए अनेक उपाय किए, चंदन लगाया, शीतल वस्तुएँ अर्पित कीं, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ।
तभी कुछ ऋषियों ने गणेश जी को 21 दूर्वा की गांठें अर्पित कीं। जैसे ही दूर्वा अर्पित की गई, गणेश जी के शरीर की गर्मी शांत हो गई।
तभी से दूर्वा भगवान गणेश को अत्यंत प्रिय मानी जाती है और उनकी पूजा में दूर्वा अर्पित करने की परंपरा शुरू हुई।"
"इसीलिए गणेश जी की पूजा में 21 दूर्वा चढ़ाने का विशेष महत्व बताया गया है। क्या आपको यह कथा पहले से पता थी? कमेंट में जरूर बताइए।"
स्रोत (Sources)
- Ganesha Purana
- Mudgala Purana
- गणेश उपासना से संबंधित पारंपरिक पुराणिक कथाएँ और लोकपरंपराएँ